रिपोर्टर
महाराट्र


नयी दिल्ली 26 नवंबर 2019। महाराष्ट्र में सियासी उथल पुथल के बीच सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है। 27 नवंबर को महाराष्ट्र में फड़णवीस सरकार को अपना बहुमत सिद्ध करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने 27 नवंबर को शाम 5 बजे का वक्त बहुमत सिद्ध करने का दिया है। हालांकि खास बात ये है कि कोर्ट ने कहा है कि ये बहुमत परीक्षण ओपन होगा… मतलब फ्लोर टेस्ट का लाइव प्रसारण होगा।

फड़णवीस सरकार को सदन में शपथ के तुरंत बाद अपना बहुमत सिद्ध करना होगा। आज सुप्रीम कोर्ट ने बेहद ही महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि बहुमत साबित करने के लिए सिर्फ 30 घंटे का वक्त दिया है। कोर्ट ने कहा है कि कोई भी सिक्रेट बैलेट से बहुमत सिद्ध नहीं होगा। जज ने कहा कि कई सवाल उठे. उनका निपटारा ज़रूरी, अभी अंतरिम बात करनी है, उत्तराखंड मामले, जगदम्बिका पाल केस हमने देखा.जज ने कहा है कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा होनी चाहिए. नागरिकों को अच्छे शासन का अधिकार है.फ्लोर टेस्ट पर सु्प्रीम कोर्ट ने फैसला पढ़ना शुरू कर दिया है. जस्टिस रमना आदेश पढ़ेंगे. जज ने कहा है कोर्ट और विधायिका के अधिकार पर लंबे समय से बेहद बहस, इसे सेटल करने की ज़रूरत है.


सुप्रीम कोर्ट में इस दौरान शिवसेना की तरफ से अनिल देसाई, गजाजन कार्तिकर, कांग्रेस के मुकुल वासनिक, केसी वेणुगोपाल और पृथ्वीराज चौहान मौजूद हैं. इसके अलावा कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी समेत कई वकील भी अदालत में हैं