संवदाता
सुप्रिया पाठक
अंबिका पुर

डॉ संगीता  पांडेय  ने  कालेज का  बढ़ाया मान  उनकी कलम में  माँ सरस्वती का वास है 

जानिए  संगीता  युवा कवियत्री के सफलता   के बारे मे  कभी अपनी  बातों को कविता से बोलते बोलते कब कवियत्री बन गईं 

उनकी   शायरी  हो कविता  पढ़ की आत्म मुग्ध कर देती है  उनके शाब्दिक अर्थ बहुत गहरे होते है  

युवा कवियत्री  होलीक्रास कालेज में हिंदी की   असिस्टेंट  प्रोफेसर है 

जो सम्मान मिला  है उन्हें   कालेज प्रबंधन  का कहना ये कालेज के लिए गर्व की बात है

हाल ही में डॉ  संगीता को  नारी सक्ती सागर सम्मान से  सम्मनित किया गया है   

नारी के विषय  को रख कविता के माध्यम से  उनकी भावना को व्यक्त करती  है तो  अहसास होता हो मानो कविता  स्वयं नारी अपने मन भावो को  अपलक व्यक्त कर रही है उनकी प्रमुख कविता उन्मुक्तता  नही चाहती कोइ  स्त्री प्रेम बंधनो से मुक्ति बस उसके अस्तित्व को ना नकारा जाए,,,................... जिस विषय पे लिखती पूरे भाव   एक एक शब्द   बताते है   प्रतिभा शाली कवियत्री है  उनको जानने वालों का कहना  है बचपन से प्रतिभा शाली थी आज सरस्वती उनकी कलम में विराजमान हो एईसी काव्य रचना कराती है पढ़ मन भावविभोर हो जाता हैं  आगे वो प्रदेश और देश का मान बढाये  पीएचडी  की पढ़ाई कर रही है जब रिपोर्टर ने उनसे जनना चाहा की पढ़ाने पढ़ने के कैसे समय निकलती हैं मुस्कुरा  अपने अंदाज में बताई कुछ करने का ठान लो तो समय आड़े नही आता।।बी पी ल न्यूज़ उन्हें शुभकामनाएं देता है छत्तीसगढ़ सरकार ऐसे  प्रतिभा का सम्मान कर सुअवसर प्रदान करे ।। 

सम्मान से बढ़ती है उर्जा

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आपके जरूरत को करे पूरा

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