संवदाता
निशा राजपूत
रायपुर

हम बात कर रहे पर्ल पब्लिक स्कूल के संचालक मनीष दुबे की जिन्होंने अपनी मेहनत लगन से स्कूल सेवा समझ बच्चों शिक्षा संस्कृति संस्कार  के लिए पुर जोर मेहनत करते है त्याग  नियमित  समय बच्चों के साथ टीचिंग स्टाफ़  सभी के साथ परिवारिक वातावरण रहता सब अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हैं ऊर्जा के साथ ।।


पर आपको बता दे  मनीष दुबे के जीवन मे जो बदलाव आया यहाँ तक कि सारी सफलता का श्रेय अपनी  सहयोगी   अर्धागिनी  को देते हैं उनका कहना है जब से साथ मिला हर  मुश्किल में  दीवार बन साथ मिला  हर जिम्मेदारी को ममता दुबे जबदारी से निर्वहन करती है   गुनगुन को संभालने के साथ स्कूल  की सारी जिम्मेदारी  की काफी सराहना करते है स्कूल के प्रोग्राम हो या फिर घर की जिम्मेदारी  ममता दुबे का सराहनीय कार्य    ।।  ममता दुबे  जिम्मेदार इमोशनल 

मैनेजमेंट  में उनका कोई तोड़ नही  टीचिंग स्टाफ पढ़ाने के तरीके बच्चों की देखभाल

परिजनों की शिकायत  का   निदान  व्यस्तता  और  तनाव के बाद भी कभी उनमे गुस्सा नही दिखता उनके पेसेन्स की सराहना मनीष दुबे ने की    

उड़ान आया जब साथ मिला जीवन संगिनी का हर कदम में साथ

उड़ान आया जब साथ मिला जीवन संगिनी का हर कदम में साथ

उन नव निहलो से एक व्यक्तिव के निर्माण की ओर

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